अहमदाबाद की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को 2002 में नरोदा गाँव नरसंहार के मामले में अभियुक्त बनाए गए 68 लोगों को बरी कर दिया है.
इनके ख़िलाफ़ दंगा भड़काने, अवैध ढंग से भीड़ जुटाने और आपराधिक साज़िश रचने जैसे आरोप लगाए गए थे.
इन अभियुक्तों में सबसे बड़ा नाम पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता माया कोडनानी का है, जिन्हें नरोदा पाटिया दंगे में भी दोषी ठहराया गया था.
इस मामले में कुल 86 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था, जिनमें से 17 लोगों की मौत हो चुकी है.
नरोदा गाँव का मामला उन नौ मामलों में से एक है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच का आदेश दिया था.







