सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि देश के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि टैक्स से जुड़े मामलों में ED सीधा दखल दे सकेगी. इसको लेकर व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि ED के दुरूपयोग की संभावना को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है.
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने 7 जुलाई को एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के मामलों में PMLA की कार्रवाई का अधिकार दिया गया है. यानी कि GST में गड़बड़ी होने पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) व्यापारियों पर PMLA (Prevention of Money laundering Act ) के अन्तर्गत कार्रवाई कर सकेगा. इसको लेकर देश और दिल्ली में व्यापारियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने चिंता जताई है .







