Mahashivratri 2023 ईशा योगा सेंटर और सद्गुरु के समर्थकों की संख्या के कारण इस साल भी ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम किया जाएगा इसका प्रसारण सोशल मीडिया के साथ-साथ प्रमुख टेलीविजन नेटवर्क पर भी किया जाएगा। 112 फुट की आदियोगी की प्रतिमा के समक्ष होने वाले इस कार्यक्रम की पूरी जानकारी जानिए।
नई दिल्ली, Mahashivratri 2023: फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी ईशा योगा सेंटर और सद्गुरु द्वारा महाशिवरात्रि का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस साल इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मौजूद रहेंगी। इसके साथ ही हर साल की तरह इस बार भी लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी। इतना ही नहीं इस साल सद्गुरु महा अन्नदानम नाम से एक नई शुरुआत भी करने जा रहे हैं। जानिए कार्यक्रम की पूरी जानकारी।
इस कड़ी में ईशा फाउंडेशन के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु यानी सद्गुरु द्वारा कोयंबतूर स्थित ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि के दिन शाम छह बजे से लेकर अगले दिन सुबह छह बजे तक कार्यकम होंगे।
बता दें कि बीते साल दुनिया भर में करीब 14 करोड़ लोगों ने इनके आयोजन को लाइव देखा था। प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू ऐप पर आध्यात्मिकता और जीवन का संदेश देने वाले सद्गुरु ने अपने कू पेज के जरिये भव्य महाशिवरात्रि पूजा की घोषणा की और इस पूजा के लिए श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए बताया कि यह फरवरी में होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा समारोह है।
सद्गुरु ने अपनी पोस्ट में लिखा, “इस महीने होने वाले दुनिया के सबसे बड़े समारोह में भाग लीजिए। पिछले साल ईशा की महाशिवरात्रि को 14 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा था।कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण भैरवी महायात्रा आदियोगी दिव्य दर्शन सद्गुरु के साथ मध्य रात्रि ध्यान जाने माने कलाकारों के सुरीले परफॉरमेंस एवं संगीतमय सांस्कृतिक प्रदर्शन
बता दें कि ईशा योग केंद्र से प्रसारित होने वाले लाइवस्ट्रीम में निशुल्क है। यह लाइव स्ट्रीमिंग भारतीय समय अनुसार शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक होगी।महा-अन्नदानम
महाशिवरात्रि के इस आयोजन के साथ ही सद्गुरु द्वारा महा-अन्नदानम के नाम से एक नई शुरुआत भी की जा रही है। इस बारे में सद्गुरु लिखते हैं, “मातृत्व का एक महत्वपूर्ण पहलू पोषण प्रदान करना है। इस परंपरा में, अन्नदान, भोजन की पवित्र भेंट, आपको दुनिया के लिए मां होने का सौभाग्य देता है।” सद्गुरु ने अन्नदान के लिए लोगों को आमंत्रित करते हुए इससे होने वाले फायदे भी गिनाए हैं।
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